Groww IPO: Is It Worth Applying? A Look at the Key Numbers

Groww IPO: एंकर बुक को बंपर रिस्पॉन्स, आकड़ों की कसौटी पर कैसा है इश्यू; अप्लाई करने से पहले देख लीजिए

Lenskart के हाई वैल्यू IPO के बाद अगर आपकी नजर अब Groww के IPO पर है, तो आपका इंतजार खत्म हो चुका है. 4 नवंबर को यानी मंगलवार को ये इश्यू खुलेगा, यानी जिस दिन लेंसकार्ट का IPO अपने आखिरी दिन में होगा. आप Groww के IPO में पैसा लगाना चाहते हैं या नहीं, ये पूरी तरह से आपकी मर्जी पर है. मैं सिर्फ आपके सामने कुछ चीजें रखूंगा. उन्हें बस आपको समझना है फैसला लेना है.



इस पब्लिक इश्यू के जरिए Groww की पैरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures 6,632.3 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. जिसमें 1060 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे और OFS के जरिए प्रमोटर्स 5,572 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बेचेंगे. यानी IPO के जरिए कंपनी में जो पैसा लगेगा वो 1060 करोड़ रुपये है. इश्यू का प्राइस बैंड 95-100 रुपये प्रति शेयर है. लॉट साइज 150 शेयरों का है.

एंकर बुक को कैसा रिस्पॉन्स मिला?

इश्यू 4 नवंबर को खुलेगा, इसलिए एंकर बुक एक दिन पहले यानी आज से खुल गई है. जो मीडिया रिपोर्ट्स से छनकर खबरें आ रही हैं, उसके मुताबिक इस फिनटेक कंपनी को बड़े घरेलू म्यूचुअल फंड्स और विदेशी फंड्स से 50,000 करोड़ रुपये की बोलियां मिली हैं. एंकर बुक करीब 3,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, यानी 15 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका है. जिसमें कई बड़े म्यूचुअल फंड्स ने हिस्सा लिया है, जिसमें SBI Mutual Fund के अलावा अमेरिकी निवेशक Sequoia Capital, Dragoneer Investment Group और Coatue Management शामिल हैं.

IPO का वैल्युएशन कैसा है?

स्टार्टअप्स के वैल्युएशन को लेकर बाजार थोड़ा टची रहता है. लेंसकार्ट के बाद Groww का वैल्युएशन भी चर्चा में है, अब चूंकि इन दोनों के PE की तुलना नहीं की जा सकती है, क्योंकि दोनों के सेक्टर्स अलग-अलग है. Groww ने अपर प्राइस बैंड पर 62,500 करोड़ रुपये का वैल्युएशन दिया है. FY25 में कंपनी का रेवेन्यू 4,056 करोड़ रुपये रहा था और नेट प्रॉफिट 1,899 करोड़. Groww उन चुनिंदा फिनटेक कंपनियों में है जो कि प्रॉफिटेबल हैं. इसका प्राइस टू अर्निंग रेश्यो 33 के आस-पास है, जो कि दूसरे पारंपरिक ब्रोकरेजेस के मुकाबले थोड़ा ज्यादा है.

ब्रोकरेज                          PE

ICICI Sec                     17

Motilal Oswal               29.7

Angel One                     29.4

IIFL Capital                  15

360 ONE                        39 

क्लाइंट बेस

एक्टिव क्लाइंट्स के मामले में Groww देश का सबसे बड़ा रिटेल ब्रोकर है. FY25 में इसका मार्केट शेयर 26.3% है. इसके बाद जीरोधा और एंजेल वन आते हैं. जिसका मार्केट शेयर 15% से ज्यादा है. FY26 में अभी तक इसका क्लाइंट बेस 11.9 मिलियन है. जबकि जीरोधा के पास 7.1 मिलियन का क्लाइंट बेस है. इसका एक्टिव क्लाइंट बेस FY21–25 में 101.7% के CAGR से बढ़ा है. जबकि इंडस्ट्री की ग्रोथ 27% रही. इस दौरान AngelOne का क्लाइंट बेस 48.3% की CAGR से बढ़ा है.

Nuvama की एक रिपोर्ट के मुताबिक Q1FY26 में cash/F&O रिटेल मार्केट शेयर 23.1%/14.4% का रहा है. Nuvama का अनुमान है कि F&O ट्रेडिंग में सख्ती का असर Groww पर कम होगा.

F&O में 5% की कमी आ सकती है, जिससे Q1FY26 में रेवेन्यू /EBDAT/APAT में 2.5%/4.8%/4.4% की कमी देखने को मिल सकती है.

कस्टमर बनाने पर लागत घटी

Groww का एक्टिवेशन रेट FY24–Q1FY26 के दौरान 33% से भी ज्यादा रहा है. जिसकी वजह से इसकी क्लाइंट एक्विजीशन कॉस्ट (CAC) FY25 में 1,441 रुपये रही है. एक्टिवेशन रेट का मतलब है कि जो लोग Groww पर अकाउंट खोलते हैं, उनमें से कितने प्रतिशत लोग असल में ट्रेडिंग शुरू कर देते हैं. यानी Groww पर रजिस्टर्ड हर तीसरा व्यक्ति ट्रेडिंग कर रहा है. जिसकी वजह से इसका CAC कम रहा है.

इसकी तुलना AngelOne से करते हैं. जिसने FY25/Q1FY26 के दौरान मार्केटिंग पर 20%/22.6% रेवेन्यू खर्च किया और इसका CAC 6,076 रुपये है. जबकि Groww ने मार्केटिंग पर रेवेन्यू 12.5%/12% खर्च किया और इसका CAC सिर्फ 1,441 रुपये है. क्लाइंट एक्विजीशन कॉस्ट का मतलब होता है कि एक ग्राहक या क्लाइंट बनाने के लिए कंपनी की लागत कितनी पड़ रही है. अगर लागत कम है तो जाहिर है मार्जिन भी बेहतर होगा. इस मामले में Groww की तस्वीर बाकी कंपनियों से ज्यादा चमकदार है.

F&O ऑर्डर कम होने का झटका कम लगेगा

Groww की कमाई का मुख्य जरिया ब्रोकिंग ही है. मैं ऐसा इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि इसके ब्रोकिंग सेगमेंट ने FY25 के दौरान रेवेन्यू में 84.6% का योगदान दिया. Q1FY26 में योगदान 79.6% है.

जबकि दूसरी तरफ AngelOne का ब्रोकिंग से रेवेन्यू 63.0% आता है. अब Groww की कुल ब्रोकिंग आय में से जितना हिस्सा F&O (Futures & Options) से आता था, वो घट गया है.

FY24 में Groww की ब्रोकिंग इनकम में से 90.2% हिस्सा F&O से आता था, लेकिन FY26 की पहली तिमाही तक ये घटकर 62% रह गया, 28.14%) की गिरावट है. जबकि Angel One में यह गिरावट सिर्फ 989 9.89%, यानी Angel One में अभी भी F&O का हिस्सा 74.5% है, जबकि Groww की निर्भरता F&O ऑर्डर्स पर कम हुई है. Nuvama की रिपोर्ट के मुताबिक Q1FY26 में F&O ऑर्डर्स में 5% की गिरावट से रेवेन्यू में 2.5% और प्रॉफिट में 4.4% की कमी आ सकती है.

AARPU में लगातार बढ़ोतरी

एक चीज हमेशा नोट करनी चाहिए कि कंपनी एक यूजर से सालाना कमा कितना रही है यानी उसका AARPU (Average Annual Revenue Per User). 

Groww का AARPU लगातार बढ़ा है.

साल                            AARPU ()

FY23                            2,541

FY24                            3,530

FY25                            3,339

वित्तीय सेहत

Groww के रेवेन्यू में भी लगातार उछाल देखने को मिला है. इसने 80% से ज्यादा की कमाई फीस, कमीशन से की है यानी कि ब्रोकरेज से. FY23 में रेवेन्यू 1,141.5 करोड़ रुपये था जो कि FY25 में 39,01.7 करोड़ रुपये पहुंच गया यानी चार गुना के करीब उछाल देखने को मिला है. EBITDA FY23 में 398.7 करोड़ रुपये रहा है, जबकि FY25 में ये 2,371 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. FY23 में मुनाफा 457.7 करोड़ रुपये रहा है. जबकि FY25 में ये 1,824.4 करोड़ रुपये रहा है. Q1FY26 में 378.4 करोड़ रुपये है.

बताने को तो बहुत कुछ है, लेकिन मोटा-मोटा अगर आप इन बातों पर गौर कर पाएं तो फैसला लेने में आसानी होगी कि Groww एक मुनाफे वाली कंपनी है, जो लगातार तरक्की कर रही है. बाकी आपकी नजर में कुछ है तो कमेट में जरूर बताएं. 

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