भारत की हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री महामारी के बाद एक ज़ोरदार तेज़ी के दौर से गुज़र रहा है, B&K की ताजा रिपोर्ट का अनुमान है कि यह तेज़ी अगले कुछ सालों तक बनी रहेगी. इस अनुकूल माहौल के पीछे कई वजहें हैं. जैसे- लोगों की खर्च करने योग्य आय में बढ़ोतरी, उपभोक्ताओं के ख़र्च में प्रीमियम चीजों की ओर रूझान बढ़ना और घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा को लेकर लोगों में रुचि बढ़ना और डिमांड-सप्लाई का बेहतर तालमेल शामिल है.
इंडस्ट्री आउटलुक और फैक्टर्स
इस रिपोर्ट का मुख्य आधार ये है कि ग्रोथ मुख्य रूप से औसत कमरे की दरों (ARRs) में बढ़ोतरी के कारण होगी, क्योंकि मौजूदा ARRs (अमेरिकी डॉलर के हिसाब से) अब भी 2007-08 के सुपर-साइकल में देखे गए उच्चतम स्तरों से बहुत कम हैं. उम्मीद है कि उद्योग स्तर पर कमरों की ऑक्यूपेंसी में मामूली सुधार होगा, जो वित्त वर्ष 2025 में लगभग 68% तक पहुंच जाएगा, जो ऐतिहासिक शिखर 70% से थोड़ा कम है.
डिमांड बढ़ने के मुख्य फैक्टर्स
भारत की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत है, जिसकी वजह से कॉरपोरेट यात्राएं, बिज़नेस मीटिंग्स (जैसे MICE मीटिंग्स, इन्सेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेज, और एग्जिबिशन) और सभी तरह की व्यावसायिक गतिविधियां तेज़ हो रही हैं. देश के अंदर पर्यटन में आई तेजी भी एक बड़ा बदलाव है. इसे बेहतर सड़कों और सुविधाओं, धार्मिक यात्रा मार्गों और ख़र्च करने को तैयार मिडिल क्लास का साथ मिल रहा है. महामारी के बाद शुरू हुआ 'रिवेंज ट्रैवल' अब तेजी पकड़ रहा है. लोग अब प्रीमियम चीज़ों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं, महंगी और बेहतर सुविधाओं वाले सेगमेंट की तरफ जा रहे हैं, जिससे इस सेक्टर में मजबूत ग्रोथ देखने को मिल रही है.
तीन कंपनियां फोकस में
रिपोर्ट तीन बड़ी होटल कंपनियों पर कवरेज शुरू करती है, जो कि मौजूदा तेज़ी के दौर से फ़ायदा उठा सकते हैं, लेकिन इनके बिज़नेस मॉडल एक-दूसरे से अलग हैं.
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The Indian Hotels Company Limited (IHCL)
रिपोर्ट IHCL को भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का सबसे मजबूत और अग्रणी खिलाड़ी बताती है, जिसने पिछले दशक में शानदार टर्नअराउंड हासिल किया है. IHCL का ब्रांड पोर्टफोलियो- Taj, Vivanta, SeleQtions, Ginger- इसे हर कस्टमर कैटेगरी में मजबूत मौजूदगी देता है.
पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने अपने बिज़नेस को नए सिरे से संगठित किया है और हाई मार्जिन वाले नए मॉडल पेश किए हैं. IHCL ने अपनी ‘Ahvaan 2025’ रणनीति के लगभग सभी लक्ष्य समय से पहले पूरे कर लिए हैं. EBITDA मार्जिन 33.2% रहा, जो लक्ष्य 30% से ज्यादा है. कंपनी Net Cash Positive बन चुकी है और होटल संख्या 380 तक पहुंच चुकी है. ये दोनों ही लक्ष्य समय से पहले पूरे हुए.
IHCL अब अपनी नई लॉन्ग टर्म रणनीति ‘Accelerate 2030’ की ओर बढ़ रही है. इसका फोकस रहेगा प्रीमियमाइजेशन, नए बाजारों में विस्तार, और डिजिटल फ़ूड-एंड-बेवरेज बिज़नेस को बढ़ाने पर. कंपनी का अधिकतर विस्तार asset-light model (management contracts) के ज़रिये होगा, जिससे निवेश का जोखिम कम रहता है और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) बढ़ता है. रिपोर्ट के मुताबिक FY25–FY28 के बीच IHCL की आय में 13% CAGR, और EBITDA में 17% CAGR की उम्मीद है. हाई ARR (Average Room Rate), प्रीमियम ब्रांड्स की मांग और मैनेजमेंट फीस में बढ़ोतरी इसके फैक्टर्स होंगे.
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Chalet Hotels (CHL)
Chalet Hotels (CHL) भारत की उन चुनिंदा कंपनियों में है जो प्रीमियम बिजनेस शहरों में अपनी मजबूत मौजूदगी के कारण हॉस्पिटैलिटी में ग्रोथ का सबसे बड़ा फायदा उठाने की स्थिति में हैं. कंपनी की प्रॉपर्टीज मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद जैसे प्रमुख कॉरपोरेट हब्स में मौजूद हैं. जिससे इसे लगातार मजबूत बिज़नेस ट्रैवल डिमांड मिलती रहती है.
Chalet का बिज़नेस मॉडल अन्य होटल कंपनियों से अलग है क्योंकि ये Asset-heavy + Mixed-use मॉडल पर काम करता है, यानी कंपनी होटल के साथ-साथ ऑफिस और रिटेल स्पेस भी चलाती है. रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी अपने पोर्टफोलियो को Leisure Segment में भी तेज़ी से विस्तार कर रही है, खासकर ऋषिकेश, गोवा और केरल जैसे हाई-ग्रोथ मार्केट्स में. इसके अगले कुछ वर्षों में लगभग 1,200 नए कमरे जुड़ने की उम्मीद है.
FY25–FY28 के दौरान Chalet की आय में लगभग 20% CAGR की उम्मीद है, जबकि ARR में 9% की ग्रोथ का अनुमान है. EBITDA मार्जिन FY25 के 43% से बढ़कर FY28 में 46% तक पहुंचने की संभावना है. कुल कर्ज भी धीरे-धीरे कम होने की संभावना है. FY25 में कंपनी पर कुल कर्ज 2,370 करोड़ रुपये है, जो कि FY28 में घटकर 1,900 करोड़ रुपये हो जाएगा.
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Lemon Tree Hotels
Lemon Tree Hotels (LTH) भारत की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती मिड मार्केट होटल चेन है, जो इकोनॉमी और मिड स्केल सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाए हुए है. यह सेगमेंट कम साइक्लिक माना जाता है, यानी बहुत ज्यादा उतार चढ़ाव देखने को नहीं मिलता है. रिपोर्ट कहती है कि अगले कई सालों तक इसमें मजबूत ग्रोथ रहने की उम्मीद है. क्योंकि कॉरपोरेट ट्रैवेल टियर-1 से आगे बढ़कर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक फैल रहा है, लेमन ट्री के लिए एक बड़ा मौका है.
कंपनी का बिजनेस मॉडल संतुलित है, जिसमें owned/leased प्रॉपर्टीज़ और मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स शामिल है, जिससे यह तेजी से असेट लाइट मॉडल की ओर बढ़ रही है. रिपोर्ट बताती है कि लेमन ट्री ने पिछले दो सालों में अपने पोर्टफोलियो को बड़े पैमाने पर अपग्रेड किया है. जिसके चलते ARR और ऑक्यूपेंसी दोनों में जबरदस्त सुधार हुआ है.
रिपोर्ट के मुताबिक FY25 से FY28 के बीच LTH की आय में लगभग 12% CAGR, ARR में 9% CAGR, और ऑक्यूपेंसी 72% से बढ़कर 75% होने की उम्मीद है. साथ ही, EBITDA मार्जिन FY25 के 49.3% से बढ़कर FY28 में 52.5% तक जाने का भी अनुमान है. कंपनी का नेट डेट FY25 के 2.5x से घटकर FY28 में केवल 0.1x तक रह सकता है, मतलब ये कि कंपनी कर्जमुक्त होने को तैयार खड़ी है. ROE भी FY25 के 18.5% से बढ़कर FY28 में 22% तक पहुंचने की संभावना है.
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