मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने दिसंबर 2025 के लिए अपनी रिपोर्ट में कुछ कंपनियों के लिए कवरेज की शुरुआत की है. अपनी इस नई रिपोर्ट में मोतीलाल ओसवाल ने बताया है कि निफ्टी ने भले ही अपना All-Time High बनाया हो, लेकिन कुल मार्केट कैप पिछले साल के मुकाबले करीब करीब फ्लैट ही रहा है. ऑल टाइम हाई के बावजूद निफ्टी का दायरा भी काफी सीमित रहा है. निफ्टी50 में बीते दो महीने में करीब 18 शेयरों ने ऑल टाइम हाई बनाया और कैलेंडर ईयर के हिसाब से इस साल 26 शेयरों ने ऑल टाइम हाई को छुआ है.
ब्रोकरेज फर्म ने जिन चार कंपनियों पर अपनी कवरेज शुरू की है, उनमें से 2 को BUY रेटिंग दी है और 2 को NEUTRAL रेटिंग दी है.
Waaree Energies
WEL भारत के सोलर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में में एक अग्रणी और मानक कंपनी है. कंपनी की सेल उत्पादन क्षमता 5.4 GW और मॉड्यूल उत्पादन क्षमता 16.1 GW है, इसके अलावा अमेरिका में भी इसका 2.6 GW का प्लांट है. वारी एनर्जीज अपने घरेलू कंपटीटर्स से काफी आगे है. कंपनी की योजना है कि वित्त वर्ष 2026 और 2027 तक वह अपनी कुल उत्पादन क्षमता को बढ़ाएगी. FY26 तक सेल क्षमता का लक्ष्य 15.4 GW और मॉड्यूल क्षमता का लक्ष्य 26.7 GW है.
मार्च 2026 तक भारत में कुल सोलर एनर्जी उत्पादन क्षमता $100 GW थी, लेकिन केंद्र सरकार का लक्ष्य 2030 तक इसे $280 GW तक पहुंचाना है. इसका सीधा मतलब ये है कि सोलर एनर्जी सेक्टर में जबरदस्त बढ़ोतरी की गुंजाइश है. 2030 के बाद भी अनुमान है कि सोलर मॉड्यूल की सालाना मांग 50 से 60 GW बनी रहेगी.
ग्रोथ अनुमान
हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025 से 2028 के दौरान कंपनी का मुनाफा अगले तीन सालों में हर साल 40% से ज़्यादा की तेज़ी से बढ़ेगा, EBITDA ग्रोथ 43% होगी.
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Blue Star
कंपनी की क्षमता
Blue Star एक प्रमुख इंटीग्रेटेड MEP सर्विस प्रोवाइडर है, जिसके पास इंफ्रास्ट्रक्चर, बिल्डिंग और औद्योगिक क्षेत्रों को समाधान देने का आठ दशकों का अनुभव है. कंपनी ने ने अब अपना फोकस डेटा सेंटर, फैक्ट्रियों और चुनिंदा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर शिफ्ट किया है, क्योंकि इन सेक्टर्स में बेहतर मुनाफा और कैश फ्लो पैदा होता है. यह डक्टेड एयर कंडीशनर और स्क्रॉल चिलर के मार्केट में अग्रणी है, 45-50% का मार्केट शेयर रखती है.जबकि VRF (वैरिएबल रेफ्रिजरेंट फ्लो) और स्क्रू चिलर के बाज़ार में दूसरे स्थान पर है, करीब 20% हिस्सेदारी रखती है.
कंपनी का लक्ष्य
ब्लू स्टार भारत के RAC (रेजिडेंशियल एयर कंडीशनिंग) सेगमेंट में अपनी मार्केट हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहा है. वित्त वर्ष 2014 में इसकी मार्केट हिस्सेदारी करीब 7% थी, जो साल 2025 तक बढ़कर लगभग 14% हो गई है. कंपनी का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2027 तक इस हिस्सेदारी को लगभग 15% तक पहुंचाने का है
ग्रोथ अनुमान
हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 तक ब्लू स्टार का रेवेन्यू, ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट (EBITDA), और मुनाफा में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होगी. रेवेन्यू करीब 16%, EBITDA 23% और मुनाफा 28% बढ़ेगा. ये स्टॉक मौजूदा स्तरों पर बिल्कुल सही भाव पर है.
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PB Fintech
PB Fintech इंश्योरेंस और कंज्यूमर क्रेडिट इन दोनों क्षेत्रों में एक प्रमुख डिजिटल मार्केटप्लेस है. इन दोनों सेक्टर्स को इस समय बढ़ती वित्तीय जागरूकता, डिजिटाइजेशन और कम पैठ से फायदा मिल रहा है. ऑनलाइन बीमा बाज़ार में इसकी हिस्सेदारी लगभग 90% है. डिजिटल अनसिक्योर्ड लोन में इसकी पैठ लगातार बढ़ रही है.
ग्रोथ अनुमान
हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025 से 2028 के दौरान PB Fintech के रेवेन्यू, EBITDA और PAT में बहुत तेज़ी से सालाना बढ़ोतरी होगी, जो कि 35%/156%/56% रह सकती है. यह तेज़ी इसलिए होगी, क्योंकि कंपनी अभी भी कम पैठ वाले क्रेडिट और बीमा इंडस्ट्रीज में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है. हमारा मानना है कि शेयर का मौजूदा भाव Fairly Valued है, यानी कंपनी के सभी पॉजिटिव्स को वर्तमान मूल्य में पहले ही शामिल किया जा चुका है.
जोखिम
कंपनी की आय में बढ़ोतरी के लिए एक बड़ा खतरा बीमा कंपनियों द्वारा कमीशन संरचना में बदलाव की संभावना है. यह बदलाव GST छूट के बाद इनपुट टैक्स क्रेडिट के नुकसान के कारण हो सकता है. मतलब ये कि कंपनी अगले कुछ सालों में बहुत तेज़ी से मुनाफा कमाएगी, लेकिन शेयर का दाम अभी से इतना ऊंचा है कि उसमें आगे ज़्यादा बड़ी उछाल की गुंजाइश कम है. सबसे बड़ा जोखिम यह है कि सरकार के नियमों या टैक्स बदलाव के कारण बीमा कंपनियां PB Fintech को कम कमीशन दे सकती हैं, जिससे इसकी कमाई पर सीधा असर पड़ेगा.
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Privi Speciality Chemicals
प्रिवी स्पेशलिटी केमिकल्स भारत की सबसे बड़ी एरोमा केमिकल बनाने वाली और निर्यात करने वाली कंपनी है. कंपनी के पास 75 उत्पाद हैं और इंडस्ट्री में 30 से ज्यादा वर्षों का अनुभव है. प्रिवी भारत की सबसे बड़ी कंपनी है जो इत्र, साबुन या अन्य उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले खुशबूदार केमिकल बनाती है और विदेशों में बेचती है. जुलाई 2021 में, PRIVI ने अपने लंबे समय के ग्राहक गिवाउदान (Givaudan) के साथ मिलकर एक JV बनाया. इस JV के तहत महाराष्ट्र के महाड में एक बिल्कुल नया प्लांट लगाया. इस पर कुल 270 करोड़ रुपये का निवेश हुआ.
ग्रोथ अनुमान
हमारा अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2025 से 2028 के दौरान PRIVI की कमाई (Revenue) और ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट (EBITDA) में तेज़ी से बढ़ोतरी होगी. रेवेन्यू 27% और EBITDA में सालाना 34% की ग्रोथ देखने को मिलेगी. अब ये ग्रोथ क्यों देखने को मिलेगी, इसके पीछे कई कारण हैं, कंपनी नए उत्पाद जोड़ेगी जिससे उसका मार्केट साइज बढ़ेगा, साथ ही गिवाउदान (Givaudan) जैसे मौजूदा ग्राहकों के साथ मजबूत होते रिश्ते भी इसकी ग्रोथ में मदद करेंगे.
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