50% टूटने के बाद भी Kaynes Tech पर बुलिश क्यों हैं एनालिस्ट; दे रहे हैं 'BUY' रेटिंग; क्या बाज़ी पलटेगी?

50% टूटने के बाद भी Kaynes Tech पर बुलिश क्यों हैं एनालिस्ट; दे रहे हैं 'BUY' रेटिंग; क्या बाज़ी पलटेगी?

Kaynes Technology गिरावट के ऐसे भंवर में फंस चुका है, जो कहां जाकर थमेगा पता नहीं. इस हफ्तेअबतक ये 28% तक फिसल चुका है. इस स्टॉक ने इसी साल 1 जनवरी, 2025 को 7,822 का हाई बनाया था, उस ऊंचाई से अबतक ये 50% तक टूट चुका है. घरेलू ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ की एक रिपोर्ट के बाद Kaynes Tech के स्टॉक में ऐसा विध्वंस शुरू हुआ जो अबतक चल रहा है. कोटक ने वित्त वर्ष 2025 के डिस्क्लोजर में कुछ गड़बड़ियों की ओर इशारा किया था. 

Kaynes Tech Crashes 50 percent in 2025 Why Top Analysts Still Say BUY


क्या है ब्रोकरेज का नज़रिया

FY25 की सालाना रिपोर्ट और उससे जुड़ी इकाइयों जैसे Kaynes Electronics Manufacturing और सब्सिडियरी Iskraemeco में कई डिस्क्लोजर खामियों, अकाउंटिंग की दिक्कतों और कैश फ्लो से जुड़ी चिंताएं जाहिर की थीं. ये मुद्दे गवर्नेंस, ट्रांसपेरेंसी और फाइनेंशियल हेल्थ पर सवाल उठाते हैं, जिसकी वजह से स्टॉक में 50% तक की गिरावट आई. हालांकि कंपनी ने कोटक की इस रिपोर्ट के बाद सफाई जारी की, लेकिन तबतक तो काफी देर हो चुकी थी. कोटक की रिपोर्ट पर यहां विस्तार से चर्चा नहीं करेंगे, क्योंकि उस पर पहले ही काफी बात हो चुकी है. 

हम यहां पर बाकी ब्रोकरेज हाउसेज का नजरिया समझने की कोशिश करेंगे कि उनकी क्या राय है Kaynes Technology को लेकर. इससे पहले आपको बता दें कि कंपनी ने 8 दिसंबर को एक कॉन्फ्रेंस कॉल का आयोजन किया था जिसमें बिजनेस से जुड़ी चिंताओं के बारे में मैनेजमेंट ने सफाई दी थी. इस कॉनकॉल के आधार पर इन ब्रोकरेज ने अपनी-अपनी राय दी है. इन ब्रोकरेज को देखकर तो यही लगता है कि उनका भरोसा 
Kaynes Technology से डिगा नहीं है, बल्कि यूं कहा जाए कि ये तो बुलिश हैं. नोमुरा, प्रभुदास लीलाधर कैपिटल, एक्सिस कैपिटल सभी ने खरीदारी की राय दी है और मैनेजमेंट के कॉन्फ्रेंस कॉल में तर्कों से संतुष्ट भी नजर आए हैं. 

रेटिंग और टारगेट प्राइस

सभी ने माना है कि स्मार्ट मीटर सेगमेंट की वजह से शॉर्ट-टर्म में वर्किंग कैपिटल फंसा और अकाउंटिंग/डिस्क्लोज़र में चूक हुई, लेकिन मैनेजमेंट ने सभी सवालों की सफाई दे दी है. चारों मानते हैं कि ये गवर्नेंस इश्यू नहीं है, सिर्फ एक्जीक्यूशन और रिपोर्टिंग की गलतियां हैं. स्मार्ट मीटर का हिस्सा तेज़ी से घटेगा, कोर EMS + ऑटो + रेलवे + OSAT + PCB से 44-46% CAGR ग्रोथ आएगी. वैल्यूएशन अब बहुत सस्ता हो गया है साथ ही वर्किंग कैपिटल में सुधार आते ही स्टॉक में जोरदार रिटर्न की उम्मीद भी है. 



  • नोमुरा ने माना है कि कंपनी ने खुलासा करने में चूक की है, जिसे मैनेजमेंट ने माना भी है
  • हालांकि अकाउंटिंग के मुद्दे पर कंपनी की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण तर्कसंगत लगता है. 
  • स्मार्ट मीटर सेगमेंट में वर्किंग कैपिटल की कुछ चुनौतियां थीं और कंपनी इस सेगमेंट से ध्यान हटाना चाहती थी, जिसे कंपनी को पहले बता देना चाहिए था, जिससे निगेटिव सरप्राइज से बचा जा सके
  • इन चुनौतियों को देखते हुए कंपनी को स्मार्ट मीटर सेगमेंट में विकास दर पर फिर से विचार करने की ज़रूरत है.
  • हमारा अनुमान है कि स्मार्ट मीटर से आने वाले रेवेन्यू का हिस्सा काफी कम हो जाएगा. 
  • 1HFY26 में ये 30% से घटकर 2HFY26 में ये 17% हो जाएगा फिर FY28F में करीब 11% हो जाएगा



  • कॉल में ये साफ किया गया कि ये चूक केवल स्टैंडअलोन खुलासे में थी और इसे ठीक कर दिया गया है 
  • भविष्य में इसे रोकने के लिए एक स्वचालित सॉफ्टवेयर-आधारित प्रणाली डेवलप की जा रही है 
  • मैनेजमेंट ने कहा कि बिल डिस्काउंटिंग और फैक्टरिंग जैसी फाइनेंसिंग सुविधाओं से कुल प्रॉफिटेबिलिटी पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा
  • स्मार्ट मीटरिंग बिज़नेस अब पोर्टफोलियो में धीरे-धीरे कम होता जाएगा, क्योंकि ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल, EV, रेलवे, एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे दूसरे सेगमेंट तेज़ी से बढ़ रहे हैं.



  • रेवेन्यू और मार्जिन के फंडामेंटल्स में कोई बदलाव नहीं आया है, लेकिन 2Q के बाद सबसे बड़ी चिंता बढ़ी हुई वर्किंग कैपिटल और रिसीवेबल्स की है
  • 1H26 में नेट वर्किंग कैपिटल (NWC) 116 दिन हुआ, जबकि FY25 में 87 दिन था, वजह- स्मार्ट मीटर का रेवेन्यू में हिस्सा बढ़ना, जिसमें पेमेंट साइकिल 90-120 दिन की होती है, जबकि कोर बिज़नेस में 60-90 दिन
  • हमारे बेयर-केस में हमने DCF में FY26-35 तक 116 दिन NWC मान लिया है (बेस केस में 75 दिन था), यानी बिल्कुल सुधार नहीं. फिर भी बेयर-केस वैल्यू ₹4,900 आती है (अभी के भाव से +29% उछाल)
  • अभी स्टॉक 0.7x PEG पर ट्रेड कर रहा है, हमारी कवरेज में सबसे सस्ता है
  • हमारी रेटिंग बनी हुई है  (OW)। अगले दो तिमाहियों में रिसीवेबल्स और वर्किंग कैपिटल में सुधार स्टॉक को चलाने वाला सबसे बड़ा ड्राइवर होगा
  • Kaynes हमारी पूरी कवरेज में सबसे तेज़ बढ़ने वाली कंपनी रहेगी. अनुमान है कि FY25-28E के दौरान रेवेन्यू 46% CAGR से बढ़ेगा और EBITDA मार्जिन 160 bps चढ़कर 16.7% हो जाएगा




  • मैनेजमेंट ने अकाउंटिंग से जुड़ी सारी गड़बड़ियों पर संतोषजनक सफाई दे दी है
  • हालांकि रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन को फाइनेंशियल्स में न दिखाने की बात अब भी सही चिंता थी
  • लेकिन कंपनी ने इसे मान लिया है और अब ठीक कर दिया है, भविष्य में ऐसा नहीं होगा, ये वादा भी किया है
  • ट्रेड रिसीवेबल्स में बढ़ोतरी और उसके कारण वर्किंग कैपिटल दिनों का बढ़ना FY26 के अंत तक नॉर्मल हो जाएगा
  • हमारा अनुमान है कि H2FY26 में Kaynes की ग्रोथ करीब 53% रहेगी. 
  • स्मार्ट मीटर से 400 करोड़ रुपये आएंगे, जबकि कोर EMS बिज़नेस से 2,100 करोड़ रुपये आएंगे.
  • पॉजिटिव कैश फ्लो बेहद जरूरी है, मैनेजमेंट का अनुमान है 80 दिन में पैसा आने लगेगा, हमारा अनुमान 105 दिनों का है.

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